बुधवार, 25 नवंबर 2009

राष्ट्रपति प्रतिभा ने सुखोई में उड़ान भर रचा इतिहास








पुणे। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने आज इतिहास रचते हुए लड़ाकू विमान सुखोई एमकेआई-30 में सवार होकर उड़ान भरी। राष्ट्रपति सुखाई विमान में उड़ान भरने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बन गयीं है।आज पुणे के लोहेगांव एयरफोर्स बेस पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सुखोई में उड़ान भरी। राष्ट्रपति के साथ उड़ान भरने वाले पायलट विंग कमांडर एस साजन हैं। इस उड़ान के लिए राष्ट्रपति को खास एंटी ग्रैविटी सूट पहनाया गया। साथ ही राष्ट्रपति की 74 साल की उम्र को ध्यान में रखते हुए विमान की रफ्तार भी कम रखी गयी। आमतौर पर सुखोई विमान की रफ्तार 1100 किलोमीटर प्रति घंटा होती है लेकिन आज इसे 700-800 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ाया गया। विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति का मेडिकल टेस्ट किया गया और उन्हें वायुसेना ने शानदार अंदाज में सलामी भी दी। गौरतलब है कि इस पूरी उड्रान के लिए राष्ट्रपति को तीन महीने की ट्रेनिंग भी लेनी पड़ी। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी 2006 में सुखोई फाइटर प्लेन में सफर कर चुके हैं। सुखोई विमन की रफ्तार 900 किमी/ प्रति घंटा है। पाटिल ने एक विशेष जी-सूट धारण किया, जो उड़ान के दौरान उन्हें उच्च गुरुत्वाकर्षण दबाव के साथ सामंजस्य बनाए रखने में मदद करेगा। राष्ट्रपति जिस सुखोई में सवार थीं, उसको विंग कमांडर एस साजन ने उड़ाया। एक फाइटर पायलट के यूनीफॉर्म में प्रतिभा पाटिल बिल्कुल अलग ही दिख रही थी, हमेशा साड़ी में दिखने वाली राष्ट्रपति बिल्कुल ही अलग रूप में दिख रही थी। उनके हाव भाव में पूरा विश्वास झलक रहा था। उड़ान भरते समय उनके लड़ाकू विमान के दोनों तरफ दो और सुखोई ने उड़ान भरा, जो उनका पूरी तरह से निगरानी कर रहा था। विमान की उड़ान को इस तरह तय किया गया था कि सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर प्रतिभा को उस समय कोई भी असुविधा न महसूस हो। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी 2006 में सुखोई-30 में उड़ान भरी थी।
स्त्रोत : http://hindi.samaylive.com/news/54007/54007.html



विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित