बुधवार, 18 नवंबर 2009

गाय राष्ट्र प्राणी घोषित हो

बाडमेर। विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा जिला इकाई बाडमेर के समापन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संत कृपाराम ने कहा कि मन में पूर्ण संकल्प लेकर हुंकार भरे कि गाय राष्ट्र प्राणी घोषित हो। संत ने कहा कि गाय माता ने हम सपूतो की रक्षा के लिए अपना दूध पिला कर सुरक्षित रखा है। आज गाय माता पर संकट आने पर हम सपूतों को अपना फर्ज याद रखते हुए गाय की सुरक्षा का भार अपने हाथों में लेना चाहिए। जिस गाय को पालने के लिए भगवान खुद अवतरित हुए आज उस गाय की उपेक्षा कर रहे हैं। गाय हमारे लिए भार बन गई है। कृपाराम महाराज ने कहा कि मां हमें चार पांच माह तक दूध पिलाती है जबकि गाय हमें आजीवन अपना दूध पिलाकर ऊर्जावान बनाती है।
संत ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी गो भक्तों को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में स्वामी प्रतापपुरी ने कहा कि शुद्धता के लिए हमें गाय को अपने यहां रखना ही होगा। गाय अगर हमारे घर रहेगी तो हमे शुद्ध दूध, दही, घी, मक्खन मिलेगा और उसके गोबर व गोमूत्र से बीमारियां भी हमारे पास नहीं आएगी। इससे पहले चार रथ सुबह 8 बजे से जसदेर धाम, गोपाल गोशाला, सफेद आकडा महाबार, आदर्श विद्या मंदिर लंगेरा से प्रारम्भ होकर अनेक गली मोहल्ले होते हुए शाम 4 बजे समापन स्थल हाई स्कूल पहुंचे। रथ में सवार गो माता की आकर्षक झांकी का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। आशाराम संत के अनुयायियों ने झांकी के आगे नृत्य किया।
गायत्री परिवार द्वारा गायत्री मंदिर के आगे आरती व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। जानकी महिला मण्डल, राधे महिला मण्डल, गीता गोपी महिला मण्डल ने रामचौक रामद्वारा हनुमान मंदिर सदर बाजार से स्टेशन रोड होते हुए रथ के आगे कलश यात्रा निकाली। समापन कार्यक्रम में सर्वप्रथम गो माता का प्रतापपुरी ने पूजन किया।जिला संयोजक रिखबदास बोथरा ने बताया कि बाडमेर जिले में सात तहसीलों में 636 गांवो में 5090 किमी यात्रा की गई। बाडमेर नगर की 17 बस्तियों में विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का आयोजन हुआ। प्रांत संयोजक मोतीलाल सोनी ने कहा कि कि सिर्फ तीन माताएं गोमाता, भारत माता व गंगा माता पूरे संसार की मां है । इनका पूजन करना सभी का कर्तव्य है। संतों का स्वागत हस्तीमल जैन ने किया। मंच संचालन अशोक दवे ने किया।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित