शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

राजमुंद्री में विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का स्वागत


राजमुंद्री, नवंबर १२ – कुरुक्षेत्र से ३० सितंबर विजय दशमी के दिन शुरू होकर विश्व मंगल की कामना को लेकर निकली विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा आज आंध्रप्रदेश के राजमुंद्री में पहुंची । यात्रा इससे पहले भारत के अनेक राज्यों में भ्रमण करते हुए उडीसा होकर पिछले दो दिनों से आंध्रप्रदेश में है ।
राजमुंद्री में गो ग्राम के आगमन पर यहाँ के स्थानीय निवासियों ने जोरदार स्वागत किया । पारंपरिक रूप से वाद्य यंत्रों का वादन करते हुए एवं नृत्य करते हुए गोभक्त यात्रा को कार्यक्रम स्थल तक लेकर आए । यात्रा के स्वागत में छोटे बच्चों द्वारा कृष्ण व गोपियों की झांकी भी निकाली जिसमें बच्चों ने बाल मुकुंद नृत्य पेश किया ।
गाय के संरक्षण हेतु निकाली गई विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा का जनजागरुकता अभियान सफलता की ओर बढ रहा है । गो ग्राम यात्रा को लेकर लोगों में अत्यंत उत्साह देखने को मिल रहा है । जिस शहर में भि यात्रा जा रही है वहाँ के स्थानीय लोग यात्रा का स्वागत पूर्ण श्रद्धा से कर रहे है ।
गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में गो भक्तों की अपार भीड उपस्थित होकर गो उपयोगिता को समझ कर गो संरक्षण हेतु संकल्प भी ले रहें है ।
गो ग्राम यात्रा इससे पहले सुबह विशाखपटनम से चलकर येलमंचली, तुनि, जगमपेटा होते शाम राजमुंद्री पहुंची । इन सभी स्थानों पर गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रमों में भारी संख्या में लोग उपस्थित होकर केंद्रीय यात्रा के साथ आए संतो का आशीर्वचन लेते हुए गोपालन का संकल्प भी लिया ।
राजमुंद्री में गो ग्राम यात्रा के लिए आयोजित कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए चैतन्य वन आश्रम गुंटूर जिले की साध्वी माता शिवचैतन्यानंद ने कहा कि गाय सदैव हमें घी, दूध, दहीं देती है । जो कि हमारी संपन्नता का परिचायक है लेकिन फिर भी हम गो हत्या को सहन कर रहें हैं ।
आज भारत में बढ रहे कल्ल खानों की संख्याओं में लगातार वृद्धि गोवंश की समाप्ति की ओर बढने का इशारा है । उन्होंने कहा कि केवल हैदराबाद में ही प्रतिदिन पांच हजार गायें कटती है । लेकिन सरकार व जनमानस के लिए यह कोई चिंतनीय विषय नहीं है । यह अत्यंत दुर्भाग्य पूर्ण है ।
माता चैतन्य ने भारतीय जनमानस से अपील करते हुए कहा कि यदि हमने गोपालन नहीं किया तो देश कबी उन्नती की ओर नही जा सकेगा, हमें पश्चिमीकरण की अशुद्ध नीतियों को छोड कर शुद्ध भारतीय गो आधारित नीति का पालन करना होगा ।
कार्यक्रम में इसकान मंदिर से आए वेल्जियम के स्वामी अमित कृष्ण ने कहा कि भारत में गाय सदैव से पूजनीय है । उन्होंने कहा कि में स्वयं पिछले १५ वर्षों से भारत में रह रहा हूँ और नित्य गोदुग्ध पान करता हूँ, सभी प्रकार की बिमारियों से दूर ।
स्वामी अमित ने कहा कि भारत ही नही अपितु विदेशों में भी गाय के पंचगव्य से अनेकों बिमारियों का इलाज संभव हो रहा है । उन्होंने कहा कि भारत सरकार को गाय को राष्ट्रीय धरोहर मानकर गो हत्या विरोधी कानून का निर्माण करना चाहिए ।

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित