शुक्रवार, 6 नवंबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम यात्रा - झारखण्ड में

गौ ग्राम यात्रा का हुआ भव्य अभिनंदन

जमशेदपुर : विजयादशमी के दिन कुरुक्षेत्र से निकली विश्र्व मंगल गौ ग्राम यात्रा गुरुवार को लौहनगरी पहुंची। पुरुलिया से पटमदा होते हुए रात्रि करीब 9.15 बजे रथ यात्रा गोपाल मैदान पहुंची, जहां भव्य अभिनंदन किया गया। रथ यात्रा के साथ करीब ढाई सौ लोग थे, जिसमें सुमन अग्रवाल के नेतृत्व में स्वागत समिति व राजीव चौधरी की अगुवाई में सुरक्षा समिति के कार्यकर्ता सक्रिय रहे। डिमना चौक व साकची गोलचक्कर पर भी रथ यात्रा के काफिले का अभिनंदन किया गया, जबकि गोपाल मैदान में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां शाम छह बजे से ही पंकज झा व रुबी पांडेय समेत अन्य कलाकार भक्ति संगीत की धारा प्रवाहित कर रहे थे, तो इसी क्रम में गो माता व बछड़े का पूजन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि सीताराम केदलियार के अलावा खजांचीराम मित्तल, कन्हैया लाल अग्रवाल, दिगंबर हांसदा व एके श्रीवास्तव मंचासीन थे, जबकि सभा को मुख्य वक्ता सीताराम के साथ हाथी-घोड़ा मंदिर के पुजारी महंत लक्ष्मण गिरी, बहरागोड़ा के कार्तिक महाराज व आदित्यपुर के हरिहरन ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि पहले हिंदू समाज में रिवाज था कि पुत्री की विदाई के समय माता-पिता एक गाय अवश्य देते थे, लेकिन अब यह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि गो-संरक्षण व संव‌र्द्धन से ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत तो बनाया ही जा सकता है, इससे तमाम औषधि भी तैयार की जा सकती है। गोमूत्र के लाभ से अब शायद ही कोई अनभिज्ञ होगा। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से गो-संवर्धन के लिए गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की। सभास्थल पर इस संबंध में लोगों से हस्ताक्षर भी कराए गए, जिसे राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। गौ ग्राम यात्रा की विदाई शुक्रवार को प्रात: 8.30 बजे होगी। आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष महेशचंद्र शर्मा, अरुण कुमार, संजय तिवारी समेत दर्जनों संगठनों-संस्थाओं के सदस्य सक्रिय रहे।

विश्व मंगल गो-ग्राम रथ का भव्य स्वागत


पुरुलिया। किसानों की आत्महत्या की घटना एक बार की आंशिक कर्ज माफी से रुकने वाली नहीं है। इसके स्थायी हल के लिए मुख्यत: गांव और गाय को बचाने का उपाय करना पड़ेगा। इसके लिए साधु-संतों के प्रयास से विजयादशमी से निकाला गया विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा रथ गुरूवार को पुरुलिया पहुंचा। गुरुवार को यह रथ धनबाद से बोकारो होते हुए पुरुलिया पहुंचा। पुरुलिया के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गोशाला में इस सिलसिले में आयोजित धार्मिक समारोह में इस रथ तथा यात्रा में शामिल लोगों को भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांतीय प्रचारक (दक्षिण बंगाल) रामापद पाल, आरएसएस पदाधिकारी अशोक साहा, उत्तम मंडल, विश्व हिन्दू परिषद के जिला सभापति आनंदमय भंट्टाचार्य, विश्व मंगल गो-ग्राम यात्रा कमेटी की पुरुलिया जिला शाखा के संयोजक असित कुमार दे, सभापति राम निरंजन अग्रवाल, गौरहरि दास आदि उपस्थित थे। इसके बाद यह रथ जिले के बलरामपुर क्षेत्र से होकर जमशेदपुर के लिए रवाना हुआ।


ग्राम-राज्य से राम-राज्य की ओर चलें


धनबाद। 'चलें गाय की ओर, चलें ग्राम की ओर, चलें प्रकृति की ओर, चलें ग्राम-राज्य से राम-राज्य की ओर।' इस नारे के साथ गुरुवार को सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने गौ रक्षा का संकल्प लिया। विश्व मंगल गौ-ग्राम यात्रा के तहत गौ को बचाने और गाव को बसाने के उद्देश्य से पूरे देश का भ्रमण कर रही रथयात्रा गुरुवार को धनबाद पहुंची। यहां के गोल्फ ग्राउंड में रथयात्रा का भव्य स्वागत हुआ। सबसे पहले निरसा उसके बाद गोविंदपुर फिर गोल्फ ग्राउंड में फूल-मालाओं से यात्रा व इसमें शामिल साधु-संतों का जोरदार स्वागत हुआ। गोल्फ ग्राउंड में बने भव्य पंडाल में गौ माता के चित्र तले संतो ने अपने-अपने विचार रखे। यहां आयोजित समारोह का शुभारंभ राजकमल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत से किया। इसके बाद संस्कार भारती द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में 'बाल्टी निहारे घनश्याम नैना नीर भरे' और 'छोटी-छोटी मैया छोटे-छोटे ग्वाल' भजन की मनमोहक प्रस्तुति हुई। इस दौरान उपस्थित संत पराशर रामानुज दास ने अपने विचार रखते हुए कहा भारत भूमि ओर गौ हमारी मां है, इसकी रक्षा करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। जब से मां की अवमानना हो रही है, धरती प्रकंपित होने लगी है। मां की मर्यादा को दरकिनार कर कुछ लोग गौ-माता का बलिदान कर रहे हैं। भारतवर्ष में गऊ माता की ऐसी दुर्गति हमारे चलते हो रही है। हमें इसके लिए जागरूक होना पडे़गा। ओंकारनंद सरस्वती ने कहा जब से गौ-माता की सुरक्षा का ह्रास हुआ, तब से हमारी स्वयं की माताओं को ओल्ड ऐज होम भेजा जाने लगा है। संवेदना खत्म हो रही है, देशवासियों में इसी संवेदना को फिर से जगाना पड़ेगा। इस दौरान संतों ने उपस्थिति कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों को गौ-माता की रक्षा का संकल्प दिलाया। गौ-माता की आरती के साथ समारोह का समापन हुआ। जहां एक ओर समारोह में संतो के आर्शीवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे तो वहीं रथयात्रा में शामिल रथ को देखने के लिए भी उत्सुकता बनी रही। रथ में गांव के दृश्य और गौ-माता के विभिन्न रूपों का सजीव चित्रण किया गया है।


विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित