गुरुवार, 24 सितंबर 2009

विश्व मंगल गोऊ ग्राम की इस सुखद यात्रा में भाग लेने हेतु एक आत्मीय पुकार



प्रिय मित्रों,
दैविक गो को प्रणाम ।
१०८ दिनों की विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा ३० सितंबर २००९ को शुरू होगी । इस यात्रा की आशा और लक्ष्य है गाय और ग्राम का पुनर्नवीनीकरण, जिससे विश्व का कल्याण होगा । हम पहाड़ों और घाटियों, नदियों और झीलों को पार करते हुए भारत के शहरों और गाँवों में प्रवेश करेंगे और हमारे लोगों में स्वानुभूति जगायेंगे ।
हमें गर्व है कि पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राघवेश्वर भारती स्वामीजी द्वारा प्रयोजित इस अभियान का सभी गो प्रेमी एक ध्वज के नीचे खड़े होकर समर्थन कर रहे हैं । देश भर के साधु – संत इस कार्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं ।

चरखे का एकता के प्रतीक के रूप में प्रयोग करने वाले महात्मा गांधी के नेतृत्व में प्राप्त स्वाधीनता से हमें दुर्भाग्यवश पूर्ण लाभ नहीं मिला । हम अब तक कागजों में सीमित इस स्वतंत्रता को पूर्णतः हासिल करने का संकल्प करते हैं । इसका नेतृत्व पवित्र गाय करेगी । सारे देश में होने वाली यह यात्रा साधीनता का दूसरा आंदोलन है ।
गाय और प्रकृति की दुर्दशा को सुधारने के मार्ग में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी । यह पीछे हटने या निष्क्रिय रहने का अवसर नहीं है । यह हमारी अपनी मुक्ति और उन्नति के लिए कार्य करने का अवसर है । आप जहाँ भी हों, अपनी पूर्ण शक्ति के साथ इस आंदोलन का समर्थन करें, आपको सौ संभावनाएँ दिखाई देगी ।
जब यात्रा आपके शहर या गाँव पहुँचे, तो आप हमसे जुड़े । एक अच्छे जीवन के संकल्प को हम मिलकर दृढ़ करेंगे ।

सभी गो भक्त

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित