गुरुवार, 10 सितंबर 2009

पाक-चीन में बना तबाही का सामान

10 सितम्बर 2009, 05:23 hrs IST





arms, rajasthan
बाडमेर। मारूडी गांव में मिला आरडीएक्स व हथियारों का जखीरा यदि आतंकियों के हाथ लग जाता तो भारी तबाही मचा सकता था। जखीरे में शामिल पिस्टल चीन व आरडीएक्स की ताकत बढाने वाले कोर्डेक्स वायर पाकिस्तान में बने हैं। साथ ही जखीरे में पकडे गए टाइमर डिवाइस भी सम्भवत: जम्मू-कश्मीर के बाहर पहली बार पकडे गए हैं।

जखीरे में बरामद 5.86 किलो आरडीएक्स से करीब छह सौ मीटर के दायरे में बर्बादी मचाई जा सकती थी। इसे सम्भवत: एक साथ छह या छह श्रृंखलाबद्ध विस्फोट किए जा सकते थे। आरडीएक्स से विस्फोट में काम में आने वाले कोर्डेक्स वायर के भीतर भी आरडीएक्स है। यह वायर विस्फोट की तीव्रता बढा देता है।वायर भी नवीनतम तकनीक से बना है।

विस्फोटक व हथियार विशेषज्ञों के अनुसार पकडे गए टाइमर डिवाइस अत्याधुनिक हैं। इनकी खासियत यह है कि टाइम सेट करने के बाद इनसे 184 दिन, चार घण्टे, बीस मिनट व पंद्रह सेकण्ड बाद भी विस्फोट किया जा सकता है। एक्सप्लोजिव की प्रोग्रामिंग डिले (विस्फोट की निर्धारित अवधि) सेट करने की तकनीक इन डिवाइस के पीछे चिपकाई गई पर्ची पर लिखी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ऎसे डिवाइस जम्मू-कश्मीर में ही मिल हैं। देश के किसी अन्य हिस्से में पहली बार इनकी बरामदगी हुई है।

पिस्टल पर 'स्टार'
जखीरे में मिली में चीन निर्मित आठ पिस्टल पर चीन का चिह्न 'स्टार' बना हुआ है। इसी तरह कोर्डेक्स वायर हरे रंग का है। ऎसे वायर पाकिस्तान में बनते हैं।

आठ का रहस्य
बरामद सामग्री पर आठ अंकित है। सभी पिस्टल पर आठ अंक अंकित है। पिस्टल की संख्या भी आठ ही है। आरडीएक्स व उसके साथ काम आने वाली सामग्री का वजन आठ किलो है। यह डिलीवरी आठ सितम्बर को बाडमेर से होनी थी।

कोई गिरफ्तारी नहीं
पुलिस महानिरीक्षक भूपेन्द्र कुमार दक ने आतंककारी संगठन के स्थानीय सम्पर्को तथा जखीरा पहुंचने के रास्ते के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। दक ने इस मामले में किसी गिरफ्तारी से इनकार किया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कई जनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मंगलवार रात कई स्थानों पर छापे मारकर संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इसमें जोधपुर से पहुंची एसटीएफ टीम की मदद भी ली गई।

स्थानीय तस्करों का हाथ
पुलिस अधीक्षक नवज्योति गोगोई के अनुसार इस मामले में जिले के बींजराड थानान्तर्गत भभूतों की ढाणी निवासी तस्कर लूणिया उर्फ सोढा खां व उसके सहयोगियों का हाथ है। पुलिस को सूचना मिली थी कि लूणिया व उसके साथी पंजाब के एक आतंककारी संगठन को पाकिस्तान से तस्करी कर लाए गए हथियार व विस्फोटक सामग्री की सौदेबाजी कर डिलीवरी करेंगे।

ऎसे पकड में आया जखीरा
गुप्तचर एजेंसी की सूचना के आधार पर सदर थाना पुलिस का जाप्ता मंगलवार तडके करीब ढाई बजे बाडमेर-गडरा रोड मार्ग पर मारूडी से आगे कृषि विज्ञान केन्द्र, दांता के पास पहुंचा। पुलिस ने केन्द्र के भवन की आड लेकर मंगलवार सुबह 10 बजे तक तस्करों के आने का इन्तजार किया। फिर यह जखीरा मारूडी व दांता के बीच सडक किनारे गाड देने की सूचना मिली। करीब आठ घण्टे इन्तजार के बाद शाम करीब छह बजे मारूडी-दांता के बीच बने पुलिया के बायीं ओर सडक से नीचे ताजी मिट्टी डाली हुई दिखाई दी। मिट्टी खोदने पर करीब एक फीट गहरे खड्डे में 'रॉक स्ट्रॉन्ग' लिखे सफेद रंग के सीमेन्ट के कट्टे को उठाकर देखा गया तो उसके नीचे भूरे रंग के आठ पैकेट मिले। इनमें हथियार व विस्फोटक पदार्थ था।

पंजाब जानी थी खेप
विस्फोट व हथियारों का जखीरा पंजाब के आतंककारी संगठन को भेजा जाना था। पाकिस्तान से तस्करी कर लाया गया बर्बादी का यह सामान एक स्थानीय तस्कर इस आतंकी संगठन को सुपुर्द करने वाला था। जयपुर से आए विशेषज्ञों के दल ने जांच के बाद विस्फोटक के आरडीएक्स होने की पुष्टि की। इस बीच पुलिस ने बाडमेर के सदर थाने में स्थानीय तस्कर लूणिया व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ये बरामद
आठ विदेशी पिस्टल, 16 मैग्जीन, आठ पैकेट में भरे 7.62 केलिबर के 420 कारतूस, दो पैकेटों में भरी 5.86 किलो विस्फोटक सामग्री, पचास व नब्बे फीट लम्बे दो बण्डल सेफ्टी फ्यूज वायर, चार बैटरी तथा दो डेटोनेटर।

Source : http://www.rajasthanpatrika.com/detail/?nid=23982

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित