शनिवार, 20 जून 2009

जैसलमेर में घर के भेदी दबोचे

घर के भेदी
जयपुर। पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सियों ने भारत की सैन्य जानकारियां जुटाने के लिए भारत के ही लोगों को झोंक दिया है। राज्य खुफिया पुलिस ने जैसलमेर से दो जासूस गिरफ्तार कर पाक की इस करतूत का भण्डाफोड़ किया है। पकड़े गए जासूसों को जयपुर लाया गया है। वे पिछले कुछ माह से सूचनाएं भेज रहे थे और इसके बदले में उन्हें खाड़ी देशों से धन मिल रहा था।जासूसों ने खुलासा किया कि पाक का पूरा ध्यान सेना के मूवमेंट, पेट्रोलियम पाइप लाइनों, नहरों, हेलीपेड की जानकारी जुटाने पर रहता है। जासूसों ने राज्य में हुए परमाणु विस्फोट से जुड़ी जानकारियां भी पाक को मुहैया करवाई हैं। अभियुक्तों के कब्जे से मोबाइल सिम, डायरी तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (खुफिया) एम।के। देवराजन ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त आभन खां (47) तथा मोरे खां उर्फ भोरे खां (32) जैसलमेर की खुयाला की ढाणी के रहने वाले हैं।

अलग-अलग भेजते थे सूचनाएं

दोनों जासूस एक ही ढाणी के रहने वाले और रिश्तेदार हैं, लेकिन उन्हें आपस में एक-दूसरे की सूचनाएं भेजने की जानकारी नहीं थी। वे अलग-अलग अधिकारियों को सूचनाएं देते थे, लेकिन राज्य खुफिया पुलिस को सूचना मिली है कि सर्वोच्च अधिकारी एक ही है।

खाड़ी से मिलता था धन

आभन खां के बैंक खाते में दो बार में 17 हजार एवं मोरे खां के खाते में एक बार में आठ हजार रूपए खाड़ी देशों से जमा करवाए गए। पिछले पखवाड़े बीकानेर से पकड़े गए साजिद उर्फ लखन के खाते में भी खाड़ी देशों से ही धन जमा करवाया गया था। पहले भी पकड़ा था खुयाला की ढाणी के ही मौला बक्स उर्फ मोजिया को जासूसी के आरोप में वर्ष 05 में पकड़ा गया था। वह निचली अदालत से बरी हो चुका है। उसके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील विचाराधीन है।

पाकिस्तान में आए थे सम्पर्क में

आभनखां अगस्त 2007 से नवम्बर 2007 तक पाक में अपनी बहिन से मिलने गया था, वहीं मोरे खां दिसम्बर 08 से जनवरी 09 के दौरान अपनी बुआ के लड़के से मिलने पाक गया था। वहां वे पाक खुफिया एजेन्सियों के अधिकारियों से मिले। मोटी रकम के लालच में दोनों ने भारत से पाक को सूचनाएं भेजना शुरू कर दिया।

स्त्रोत : राजस्थान पत्रिका http://www.patrika.com/news.aspx?id=191631

विश्व संवाद केन्द्र जोधपुर द्वारा प्रकाशित